➤ जून के बिजली बिलों में नहीं लगेगा फ्यूल चार्ज, लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
➤ बिजली बोर्ड ने अतिरिक्त लागत वसूली के लिए नियामक आयोग में दायर की नई याचिका
➤ आयोग तय करेगा फ्यूल चार्ज लगेगा या बाद में एरियर के रूप में होगी वसूली
शिमला। हिमाचल प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। जुलाई में जारी होने वाले जून महीने के बिजली बिलों में उपभोक्ताओं को फ्यूल चार्ज नहीं देना होगा। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने अप्रैल 2026 के बाद की अतिरिक्त बिजली खरीद लागत की वसूली के लिए हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग में नई याचिका दायर की है। अब इस मामले में अंतिम फैसला आयोग करेगा। बोर्ड के इस कदम से फिलहाल घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
हालांकि यह राहत स्थायी होगी या बाद में उपभोक्ताओं से एरियर के रूप में राशि वसूली जाएगी, इसका निर्णय आयोग के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल बोर्ड ने जून के बिजली बिलों में किसी भी प्रकार का नया फ्यूल चार्ज नहीं जोड़ा है।
गौरतलब है कि जून में जारी मई महीने के बिजली बिलों में बोर्ड ने 33 पैसे प्रति यूनिट की दर से फ्यूल चार्ज वसूला था। इसके चलते अधिकांश उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में औसतन 100 से 200 रुपये तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी हुई थी। यह राशि फरवरी और मार्च की पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (PPCA) के तहत वसूली गई थी।
दरअसल, प्रदेश में जलविद्युत उत्पादन कम होने या बिजली की मांग बढ़ने पर राज्य विद्युत बोर्ड को बाहरी राज्यों से महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ती है। इस अतिरिक्त खर्च की भरपाई नियामक नियमों के अनुसार बाद में उपभोक्ताओं से फ्यूल चार्ज या पीपीसीए के रूप में की जाती है। अप्रैल 2026 के बाद हुई अतिरिक्त बिजली खरीद लागत की वसूली के लिए बोर्ड ने अब आयोग के समक्ष नई याचिका प्रस्तुत की है।
अब हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग यह तय करेगा कि अतिरिक्त लागत की वसूली अलग से फ्यूल चार्ज लगाकर की जाए या आगामी टैरिफ आदेश में एरियर टैरिफ के रूप में समायोजित किया जाए। यदि आयोग फ्यूल चार्ज की अनुमति देता है तो यह राशि बिजली बिल में अलग मद के रूप में दिखाई देगी। वहीं यदि इसे एरियर टैरिफ में शामिल किया जाता है तो भविष्य में बिजली दरों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल बोर्ड के इस निर्णय से प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिली है। हालांकि अंतिम राहत की तस्वीर आयोग के फैसले के बाद ही साफ होगी।



